ओटीटी पर फिल्मों की तरह सेंसरशिप के बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का स्पष्टीकरण

केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने बताया कि ओटीटी पर फिल्मों की तरह कोई सेंसरशिप नहीं है। संबंधित प्लेटफॉर्म खुद अपने कंटेंट का वर्गीकरण करेंगे। इसका मकसद है कि लोगों को कंटेंट देखने से पहले उसकी सही जानकारी मिले। OTT और डिजिटल न्‍यूज मीडिया को अपने बारे में विस्‍तृत जानकारी देनी होगी। इसके लिए रजिस्‍ट्रेशन अनिवार्य नहीं है। दोनों को ग्रीवांस रीड्रेसल सिस्‍टम लागू करना होगा। अगर गलती पाई गई तो खुद से रेगुलेट करना होगा। OTT प्‍लेटफॉर्म्‍स को सेल्‍फ रेगुलेशन बॉडी बनानी होगी जिसे सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज या कोई नामी हस्‍ती हेड करेगी। सेंसर बोर्ड की तरह OTT पर भी उम्र के हिसाब से सर्टिफिकेशन की व्‍यवस्‍था हो। एथिक्‍स कोड टीवी, सिनेमा जैसा ही रहेगा।