लॉकडाउन की मार, चाय बेच रहा नेशनल फुटबॉलर

फुटबॉल को अपना जीवन मानने वाले अविनाश शर्मा ने कभी भारतीय टीम से खेलने का सपना देखा था। यह सपना पूरा नहीं हुआ तो बतौर एनआईएस कोच वो नई पौध तैयार करने में जुट गए लेकिन कोरोना के कारण नौकरी ही नहीं रही। चार नेशनल और तीन इंटर यूनिवर्सिटी खेलने वाले अविनाश अब चाय बेचने को मजबूर हैं। अविनाश की कहानी कोरोना में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों पर टूटे आर्थिक संकट की गवाही है।एनआईएस का प्रतिष्ठित डिप्लोमा करने वाले अविनाश को सत्र 2019-20 में पीलीभीत स्पोर्ट्स स्टेडियम में एडहॉक कोच के रूप में तैनाती मिली।अविनाश को लगा कि अब उनकी जिंदगी पटरी पर आ रही है लेकिन मार्च से लॉक डाउन हो गया। लॉकडाउन में स्टेडियम बंद कर दिए गए। किसी भी एडहॉक कोच का नवीनीकरण नहीं हुआ। अविनाश के रोजी-रोटी से जुड़े रास्ते बंद हो चुके थे। मजबूरी में उन्होंने आईवीआरआई ओवर ब्रिज के नीचे चाय की एक छोटी सी दुकान चलानी शुरू कर दी। अब चाय की दुकान ही जीवन चलाने का जरिया रह गई है।